Khayal(Thought)

ख़याल (Thought)

image by: Anna Pavlova(500px.com)

जब भी तेरा ख़याल आता है में खुद को भूल जाता हूँ,
तनहा बैठा-बैठा होले से मुस्कुराता हूँ।
Whenever I think of  you,to myself I forgets
smile slowly in loneliness.

सोचता कुछ हूँ कर कुछ और जाता हूँ 
न जाने क्या-क्या बातें तुझे बताता हूँ 
तुझे रूठा समझकर मनाता हूँ 
तुझे सुनकर में झूम जाता हूँ।
सच तेरे ख्याल में खुद को भूल जाता हूँ 
I think something but do something else
Many-many things to you I tells,
I coax you,thinking you are angry,
I overjoyed seeing you,talking freely.
It's true that I forget myself thinking about you.

नहीं पता क्यूँ इतनी चाहत है
क्यूँ तुझसे इस कदर मोहब्बत है 
सोचता हूँ तुझसे मिलके पूछुंगा 
पर ख्यालों में पूछ जाता हूँ ,खुद को भूल जाता हूँ।
I don't know why I like you so much,
I don't know how I love you as such,
I think to ask you on meeting,
but ask you,while in your thoughts I was sitting.

तेरी आँखें जो ख्याल में आएं 
उन्ही में डूब जाता हूँ।
तू सच में है शायद दिल में बडबडाता हूँ।
जब भी तेरा ख़याल आता है में खुद को भूल जाता हूँ।
When I think about your eyes,
I lost in them and never rise,
I murmur that perhaps you are in my thoughts,
Whenever I think of you to myself I forgets.

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